kavita

meri bhavnaon ka sangrah

66 Posts

1656 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 9493 postid : 681538

अनुत्तरित प्रश्न ? ( कांटेस्ट )

Posted On: 5 Jan, 2014 Others,कविता,Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

समस्त ऊंचाइयों का उत्कर्ष
जहाँ हो जाता है विलीन
दृष्टि से दूर
कल्पना से परे,
क्या सोचा है कभी
क्या होता होगा वहाँ
उसके बाद ?
मैं ने तो सोचा
और चुप हो गया
क्यों कि हार गई बुद्धि
और शिथिल पड़ गया चिंतन .
इस होने और न होने के बीच
उलझा रहा मेरा मन
जैसे नीव से चल
अपनी यात्रा का प्रारम्भ कर
दीवार की बौनी ऊंचाई
छत तक जाकर
हो जाती है सीमित
क्या इसी तरह होता होगा वहाँ
उस शून्य में
समस्त ऊंचाइयों के
उत्कर्ष की छत ?
कुछ इसी तरह अटपटे -व्यर्थ
और बेढंगे
रह जाते हैं शेष
कई अनुत्तरित प्रश्न…… ?
आचार्य विजय ” गुंजन “

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

January 8, 2014

क्यों कि हार गई बुद्धि और शिथिल पड़ गया चिंतन . इस होने और न होने के बीच उलझा रहा मेरा मन जैसे नीव से चल अपनी यात्रा का प्रारम्भ कर दीवार की बौनी ऊंचाई छत तक जाकर हो जाती है सीमित क्या इसी तरह होता होगा वहाँ उस शून्य में समस्त ऊंचाइयों के उत्कर्ष की छत ? …………………………..बहुत खूब आदरणीय, जीतनी तारीफ़ की जाय वह कम है…………………सोच कितनी भी महान क्यों न हो…………………………..मन की सीमा से बाहर नहीं जा सकता………….और कुछ सत्य उस सीमा से परे हैं……………बहुत खूब………….हार्दिक आभार!

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    January 9, 2014

    बहुत ही सारगर्वित प्रतिक्रिया ! भाई अलीन जी ! हार्दिक आभार !!

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
January 5, 2014

ये प्रश्न आज तक अनुत्तरित ही हैं ….सार्थक रचना .आभार

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    January 5, 2014

    धन्यवाद शिखा जी ! प्रतिक्रियार्थ आभारी हूँ !


topic of the week



latest from jagran