kavita

meri bhavnaon ka sangrah

66 Posts

1656 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 9493 postid : 846739

दिल्ली वालो

  • SocialTwist Tell-a-Friend

जाति-पाति मज़हब में फंस
निज गला न लेना घोट!
सोच समझकर दिल्ली वालो!
देना अबकी वोट!!
आयेंगे फिर वही पुराने
राग अलापेंगे,
आश्वासन के चिकुड़ जाल में
फिर से फाँसेंगे
करे- धरेंगे नहीं कभी कुछ
इनके मन में खोट!
सोच समझकर दिल्ली वालो
देना अबकी वोट!!
अलग अलग दल भले मगर
ये रखें एक ही सोच
अवसर मिलते ही जनता के
तन को लेते नोच!
समय मिला है फिर तुमको
मत के सोटों से सोंट !
सोच समझकर दिल्ली वालो
देना अबकी वोट!!
तरह तरह के रूप धरेंगे
ये मायावी लोग
रह-रहकर ये स्वांग रचेंगे
और करेंगे ढोंग
भूल हुई इस बार अगर
खाओगे गहरी चोट!
सोच समझकर दिल्ली वालो
देना अबकी वोट!!
—- आचार्य विजय गुंजन

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Santlal Karun के द्वारा
February 8, 2015

आदरणीय गुंजन जी, मतदान के सन्दर्भ में नेताओं के कल-बल-छल को लेकर चेतावनी से युक्त पठनीय और विचार-मंथन वाली प्रस्तुति; हार्दिक साधुवाद एवं सद्भावनाएँ !

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    March 19, 2015

    आदरणीय करूँ जी, सादर वन्दे !… पतिक्रियार्थ आभारी हूँ !! पुनश्च !!

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    March 19, 2015

    विलम्ब से ब्लॉग पर आने के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ ! हार्दिक धन्यवाद !!


topic of the week



latest from jagran