kavita

meri bhavnaon ka sangrah

66 Posts

1656 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 9493 postid : 863173

कट गए त्रासदी के अब दिन

  • SocialTwist Tell-a-Friend

हो गई फतह दिल्ली भाई
अब पूरा देश निशाना है !
=
दिन-रात एक कर देंगे हम
धरती को स्वर्ग बनायेंगे,
झुग्गी-झोपड़ियों में फिर से
आशा के दीप जलाएंगे |
=
निर्धनता है अभिशाप आज अब
जड़ से उसे मिटाना है !
हो गई फतह दिल्ली भाई
अब पूरा देश निशाना है !!
=
बेवशी आंसुओं में बहकर
बेकार नहीं अब जाएगी,
कुछ उम्मीदों के चटख रंग की
फसलें नई उगायेंगी |
=
घर-घर को घेरे अन्धकार के अघ को दूर भगाना है !
हो गई फतह ……………………………………………..!!
=
कट गए त्रासदी के अब दिन
दुःख के बादल छँट जायेंगे ,
यह है अमीर वो है गरीब
मिलकर हम फर्क मिटायेंगे |
=
सबके दिल में समरसता का मनभावन अलख जगाना है !
हो गई फतह …………………………………………………..!!
=
अब राग-द्वेष ईर्ष्या तजकर
बगिया को सुन्दर करना है,
निरपेक्ष धर्म रह भारत को
सपनों से सुन्दर रचना है|

=
झूठे कुतर्क में पड़कर अब कीमती समय न गँवाना है !
हो गई ………………………………………………………!!
=
अब अमन-चैन- सुख -शांति – पताका
युग -युग तक लहराएंगे ,
नित गंगा -यमुना -संस्कृति – धारा
कण- कण में हहरायेंगे |
लो नई क्रान्ति का ले मशाल अब निकल पड़ा परवाना है !
हो गई फतह दिल्ली भाई अब पूरा देश निशाना है !!
आचार्य विजय गुंजन

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

8 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
April 4, 2015

आचार्याजी सुन्दर रचना की प्रस्तुति के लिए बधाई! उम्मीद है कि अब मंच पर आपकी प्रेरक और प्रभावी अभिव्यक्ति हमें आपकी सुन्दर और अनूठी रचनाओं के माध्यम से पढ़ने को मिलती रहेगी! बहुत बहुत आभार!

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    April 8, 2015

    श्रद्धेय सद्गुरु जी , सादर अभिवादन ! आप की सराहनाजन्य सुख से सदैव सिंचित होता रहता हूँ | अब मंच पर बने रहने की कोशिश करता रहूँगा ! साभिवादन !!

Shobha के द्वारा
March 27, 2015

श्री गुंजन जी बड़ी सुंदर कविता भाव भी अच्छे परन्तु क्या जैसा आपने सोचा है संभव हो सकेगा डॉ शोभा

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    March 27, 2015

    आदरणीया शोभा जी , साभिवादन ! सराहना के लिए आभारी हूँ ! देखिए आगे-आगे होता है क्या ? मैं तो पूरी तरह आश्वस्त हूँ ! पुनश्च !!

nishamittal के द्वारा
March 26, 2015

शुभकामनाएं

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    March 26, 2015

    आदरणीया निशा जी ! सादर !!

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
March 20, 2015

सुन्दर भावाभिव्यक्ति .बधाई

    Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
    March 22, 2015

    हार्दिक आभार शिखा जी ! सादर !!


topic of the week



latest from jagran